मंगलवार, 18 अगस्त 2009

बात में दम है भाया !!

** नहीं पढूंगा(गी)-नहीं पढूंगा(गी), ला दो चाहे ढेर मिठाई । पहले मुझे बता दो पापा, किसने की थी शुरु पढ़ाई ! x-(

** मैं जन्मना बुद्धिमान था लेकिन इस "पढ़ाई-लिखाई" के चक्‍कर ने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा

** अभ्यास से व्यक्ति पूर्ण बनता है.... यह भी उतना ही सच है कि कोई व्यक्ति कभी भी पूर्ण नहीं हो सकता.... तो अभ्यास की आवश्यकता क्या है !!

** यह सत्य है कि हमें सदा दूसरों की सहायता करनी चाहिए .........तो फिर दूसरे क्या करेंगे, भाई J

** प्रकाश की गति ध्वनि की तुलना में तीव्रतर होती है.........ऐसा हमने भौतिकीशास्त्र में पढ़ा है........... तो फिर धर्मेन्द्र भैया के दिखाई देने से पहले उनकी आवाज कि कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा पहले सुनाई क्यूं देती है, बताइए??

** पैसा ही सबकुछ नहीं हैं.... भई, मास्टरकार्ड और वीजाकार्ड भी तो कोई चीज है !!

** व्यक्ति को जानवरों से प्यार करना चाहिए..... वे बहुत स्वादिष्ट होते हैं (यम्म्म्म्म्म्म) !!

** सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है…... और एक असफल व्यक्ति के पीछे, दो महिलाओं का । J

** एक Wise (बुद्धिमान) व्यक्ति कभी शादी के पचड़े में नहीं पड़ता है, और जब वह शादी कर लेता है तोOtherwise हो जाता है।

** सफलता एक संबंधी शब्द है.... यह बहुत सारे संबंधियों से मिला देता है।

** कभी भी अपना काम कल पर मत छोड़ो.... ऐसा किया तो फिर आज के लिए क्या छोड़ोगे??

** तुम्हारा भविष्य तुम्हारे सपने पर निर्भर है..... इसलिए चैन से सोकर सपने देखो J

** दिन की शुरुआत करने के लिए सवेरे-सवेरे जगने की अपेक्षा क्या कोई और बेहतर तरीका नहीं हो सकता??

** अत्यधिक परिश्रम किसी को मारता नहीं...... लेकिन रिस्क (खतरा) लेने की क्या जरुरत??

** काम मुझे मोहित कर लेता है..... मैं इसकी घंटों प्रतीक्षा कर सकता हूं।

** ईश्वर ने रिश्तेदार बनाए...... ईश्वर को धन्यवाद कि कम-से-कम हम अपना मित्र तो चुन सकते हैं।

** जितना अधिक सीखोगे, उतना अधिक जानोगे। जितना अधिक जानोगे, उतना अधिक भूलोगे। जितना अधिक भूलोगे,उतना कम जानोगे......... अतः सीखने की क्या जरुरत, भैये!!

** बस-स्टेशन वह है, जहां एक बस रुकती है। रेलवे-स्टेशन वह है, जहां ट्रेन रुकती है। जहां मैं प्रतिदिन जाता हूं, उसे "कार्य-स्टेशन" कहा जाता है........तो फिर (?).......अब, आगे और क्या कहूं !!

--अंग्रेजी में प्राप्त एक मेल का किंचित्‌ संशोधन सहित हिन्दी रूपान्तरण--

6 टिप्‍पणियां:

  1. ऐसा ही एक सुझाव मेरे पास भी है । अगर तुम कुछ ऐसा कर बैठो जिसकी वजह से सुबह मुँह ना दिखा सको तो ....


    तो कोई बात नहीं , देर तक सोते रहना

    उत्तर देंहटाएं
  2. "Dream as if you'll live forever,live as if you will die today."
    Diwaker ji,i will not make more comment on this thought only i will say that God created this world, and we are destroying by making misuse of our time as well as science and technology.....i can say by these thoughts we can easy laugh on life but reality is this we are responsible f these situation..
    Thanks & Regards
    Akanksha Shukla
    Research & Teaching Assistant
    School of Humanities,
    Indira Gandhi National Open University..

    उत्तर देंहटाएं
  3. Just install Add-Hindi widget button on your blog. Then u can easily submit your pages to all top Hindi Social bookmarking and networking sites.

    Hindi bookmarking and social networking sites gives more visitors and great traffic to your blog.

    Click here for Install Add-Hindi widget

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत हँसाने वाले टिप्स लिखे हैं आपने |
    मिस्टर राम की सलाह पर मैंने भी Add hindi widget install कर लिया , मगर कल जो पोस्ट मैंने अपने ब्लॉग पर लिखी वो ब्लोगवाणी पर पब्लिश ही नहीं हुई , कुछ और step तो नहीं लेना था ?
    इसने पिछले लिंक्स क्या ख़तम कर दिए हैं ? अगर मदद कर सकते हैं तो आभारी हूँ |

    उत्तर देंहटाएं
  5. I am aggree with Ms. Akanksha Shukla if we will misuse our time then we will be responsible for distroying our life. Human being are distroying everything which are god fifted indirectly we are disdtroying our selves.

    anyway...above quotes are good for intertainments....

    Thanks
    Ajit Tiwari
    wwww.jaimaathawewali.com

    उत्तर देंहटाएं
  6. जी सही बात कही है आकांक्षी जी और अजीत जी आप दोनों ने. अगर आपदोनों ने ध्यान दिया हो तो इस आलेख का लेबल अर्थात्‌ अंकितक भी "कुछ बेसिर की..." रखा गया है.
    दूसरी बात यह कि अर्थग्रहण तीन प्रकार (अभिधा, लक्षणा और व्यंजना) से किया जाता है. इस आलेख पर भी यह बात लागू होती है.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणी ही हमारा पुरस्कार है।